प्रोफ़ेसर डवेक स्पष्ट करती हैं कि मात्र हमारी योग्यताओं और प्रतिभा से ही हमें सफलता नहीं मिलती है, बल्कि इस बात से मिलती है कि हम अपने लक्ष्यों की और बढ़ते समय सीमित मानसिकता रखते हैं या विकासवादी मानसिकता। सही मानसिकता होने पर हम अपने बच्चों को उनके लक्ष्य पाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, साथ ही स्वयं अपने व्यक्तिगत और पेशेवर लक्ष्यों को भी प्राप्त कर सकते हैं। यह पुस्तक उस तथ्य को उजागर करती है जिसे सभी बेहतरीन अभिभावक, शिक्षक, सीईओ और खिलाड़ी पहले से जानते हैं मस्तिष्क के बारे में एक सरल विचार से कैसे अधिक सीखा जा सकता है और उस लचीलेपन को कैसे बढ़ाया जा सकता है, जो हर क्षेत्र में उपलब्धि का आधार है। इस पुस्तक में संगठनात्मक मानसिकता पर नई सामग्री शामिल की गई है और यह विकासवादी मानसिकता संबंधी कुछ ग़लत धारणाओं के बारे में चर्चा करती है।